Friday, September 3, 2010

नरक में डिस्काउंट ऑफर(अमर उजाला में प्रकाशित)

नरक में डिस्काउंट ऑफर


सेल की दुकान देखते-देखते एक आदमी नरक के दरवाजे तक चला आया। जैसे ही यमराज पर उसकी नजर पड़ी, वह घबराकर चिल्लाया, हे महाराज! अभी तो मेरा टाइम ही नहीं आया। न मैं बीमार हुआ, न सीने में दर्द उठा, फिर आपने मुझे इतनी जल्दी क्यों बुलाया? यमराज थोड़ा मुसकराकर बोला, बालक, यह तो सेल का कमाल है। हमने तुझे यहां नहीं बुलाया। तू तो खुद-ब-खुद चला आया। धरती पर हमने नाइंटीन पर्सेंट ऑफ का जो बोर्ड लगाया है, तू उसे देखते-देखते यहां तक चला आया।



वह आदमी गिड़गिड़ाते हुए बोला, पर हुजूर, नरक तो यातनागृह है। यहां कैसा ऑफर? किस बात का डिस्काउंट? यहां तो वे लोग आते हैं, जो धरती पर पाप कमाते हैं। यमराज झल्लाकर बोला-मिस्टर मानव, हमें क्या मूर्ख समझ रखा है? खुद धरती पर तू दिन-रात नए-नए चमत्कार कर रहा है। फल, सब्जियां ही नहीं, तूने परखनली शिशु का भी निर्माण किया है। कहीं किसी रोज अमरत्व का टीका भी बना डाला, तो कोई मरेगा ही नहीं। धीरे-धीरे हमारे सारे कार्य तू ही कर लेगा, तो हमें कौन पूछेगा? इसलिए हमने नरक में धरती से भी अधिक सुख-सुविधाएं मुहैया कराने का प्लान बनाया है।



आदमी यह सब सुनकर चकराया, महाराज, अपने ऑफर के बारे में विस्तार से बताइए, ताकि मैं कुछ फैसला ले सकूं। यमराज ने तुरंत एक पेंपलेट निकाला और कहा- धरती पर यह बंटवा देना। जो पहले नरक में आएगा, स्पेशल डिस्काउंट पाएगा। आदमी खुश होकर बोला- महाराज, सुना है, नरक में चोर-उचक्के ही आते हैं। मैं तो शरीफ आदमी हूं। क्या आपने शरीफों के लिए भी अलग से कुछ व्यवस्था की है?



यमराज गुस्साते हुए बोला, धरती पर जिन चोर, उचक्कों और अपराधियों को मुंह काला कर गधे पर बिठाकर शहर भर में घुमाना चाहिए था, उनको तुमने मीडिया में सुर्खियां बना दिया। आज वे टीवी पर किस्मत आजमा रहे हैं और सेलिब्रिटी कहला रहे हैं। धरती पर जब ऐसे लोगों को सम्मान मिलेगा, तो बताओ नरक में कौन आना चाहेगा? हमारी प्रतिष्ठा का सवाल है भैया। हमने भी सोच-समझकर यह ऑफर दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नरक में आएं और नरक को भी धरती जैसा पाएं। बूढ़े हों या जवान, एक के साथ एक फ्री आ सकते हैं, रूम विद एयरकंडिशन पा सकते हैं। धरती की जेलों जैसा ही रहेगा नरक का वातावरण। मोबाइल-इंटरनेट सभी सुविधाएं हैं यहां। तुम पहले व्यक्ति हो। यदि धरती से और लोगों को भी लाओगे, तो स्पेशल डिस्काउंट के साथ-साथ उच्च पद पाओगे।

आदमी खुशी से झूम उठा। फटाफट फार्म भरके स्पेशल डिस्काउंट पा गया और पूरे परिवार सहित सीधे नरक में आ गया।



सुनीता शानू

36 comments:

वन्दना said...

गज़ब का व्यंग्य्………………आज के हालात पर बिल्कुल सटीक्…………………शायद धरती से ज्यादा महफ़ूज़ स्थान का इंतज़ाम अब शायद यमराज को ही करना पडेगा।

ललित शर्मा-ললিত শর্মা said...

हा हा हा बहुत बढिया
यमराज भी मल्टीलेवल मार्केटिंग पर उतर आए है।

krish said...

its a fanatastic one, based on today's scenario.

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर जी

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

रूम विद एयरकंडिशन वाह.... नरक में भी ऐसी व्‍यवस्‍था, अब तो हर कोई जाना चाहेगा नरक.

धन्‍यवाद सुनीता जी बढि़या व्‍यंग्‍य किया है व्‍यवस्‍था पर.

ताऊ रामपुरिया said...

हमारे लिये वहां बुकिंग की व्यवस्था करवाई जाये.:)

रामराम.

shikha varshney said...

हा हा हा ...क्या मस्त व्यंग लिखा है ..मजा आ गया सुनीता जी !

दीपक 'मशाल' said...

आपकी खूबसूरत पोस्ट को ४-९-१० के चर्चा मंच पर सहेजा है.. आके देखेंगे क्या?

ललित शर्मा-ললিত শর্মা said...


बेहतरीन लेखन के बधाई


पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर-पधारें

Udan Tashtari said...

सटीक...बधाई.

राजभाषा हिंदी said...

रोचक!
बहुत अच्छी प्रस्तुति।

हिन्दी, भाषा के रूप में एक सामाजिक संस्था है, संस्कृति के रूप में सामाजिक प्रतीक और साहित्य के रूप में एक जातीय परंपरा है।

स्‍वच्‍छंदतावाद और काव्‍य प्रयोजन , राजभाषा हिन्दी पर, पधारें

पी.सी.गोदियाल said...

हा हा हा ...बेहतरीन सुनीता जी !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

हा हा हा ...नरक में डिस्काउंट ...बढ़िया है ...

मनोज कुमार said...

अद्भुत परिहास बोध आपके आलेख में एक ताक़त भरता है।

फ़ुरसत में .. कुल्हड़ की चाय, “मनोज” पर, ... आमंत्रित हैं!

sonal said...

ha ha ha .... very nice....

A Silent Silence : Mout humse maang rahi zindgi..(मौत हमसे मांग रही जिंदगी..)

Banned Area News : Book on 'secret lovers' of Carla Bruni set to release in France

पवन *चंदन* said...

वाह वाह वाह
कितनी बार कहूं
उतनी बार ही कम रहेगा 'वाह'
लगता है कलम की धार अपने पूरे यौवन पर है।

पवन *चंदन* said...
This comment has been removed by the author.
सुनीता शानू said...

वंदना जी,ललित शर्मा जी, कृश,राज भाटिया जी, संजीव तिवारी जी,रामपुरिया जी,शिखा जी,दीपक जी, समीर भाई,पी सी गोदियाल जी, संगीता जी,मनोज जी,सोनल जी,पवन चंदन जी, एवं राष्ट्रभाषा हिंदी आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। अच्छा लगा आप सभी ने व्यंग्य को सराहा, अपना सहयोग बनाये रखना।
नमस्कार
सुनीता शानू

swaran lata said...

नरक में डिस्काउंट ऑफर
वाह सुनिता बढिया व्यंग है

नरक में धरती से भी अधिक सुख-सुविधाएं मुहैया

कराने का प्लान वाह वाह..धरती की जेलो कि पोल खुल गई बहुत सुन्दर

sunilchhabra said...

malum sabko h ki 1 din waha h jaana fir b sochtey h A.C. na padey lagwana.
so beutiful comments on the system.
i like this.

Sadhana Vaid said...

बहुत बढ़िया और सटीक व्यंग ! पढ़ कर आनंद आ गया !

JAY SHANKER PANDEY said...

आदमी खुशी से झूम उठा। फटाफट फार्म भरके स्पेशल डिस्काउंट पा गया और पूरे परिवार सहित सीधे नरक में आ गया। ये तो कविता हो गयी सुनीता जी. बहुत सुंदर

P.N. Subramanian said...

आनंद की प्राप्ति हुई. आभार.

Mrs. Asha Joglekar said...

कमाल का व्यंग । यमराज भी डिसकाउंट देने लगे हा हा हा ।

ALOK KHARE said...

Narak aur Dharti ka tulnatmak adhhyan
steek vyang,

hasye me vyang karara he
wo samajh gaye, jis taraf
aapka ishara he....

सुधीर said...

हिन्दी दिवस पर आपको बहुत-बहुत बधाई।

http://sudhirraghav.blogspot.com/

Mukesh Kumar Sinha said...

ha ha ha ha........:)
achchhi marketing hai.....:D

निर्मला कपिला said...

हा हा हा लाजवाब व्यंग। अरे हमारा भी फार्म भर दो ना? बधाई\

ZEAL said...

.
अपने आप में अनोखी...शानदार और जानदार प्रस्तुति।
आभार।
.

सत्यप्रकाश पाण्डेय said...

अच्छी प्रस्तुति।
यहाँ भी पधारें :-
अकेला कलम...

Arvind Mishra said...

नुकीला... धारदार......चुभन मगर कुछ गुदगुदी लिए भी करारा व्यंग ..इस धार को बनाये रखिये ...

शरद कोकास said...

बढ़िया व्यंग्य है

kavi kulwant said...

ha..ha..ha.. great...

कुमार राधारमण said...

सही है। यह धरा क्या हो सकती थी और क्या हो गई है। फिर भी,अपन अभी हंड्रेड परसेंट भुगतान कर इधर ही बने रहना चाहते हैं।

एन. राम said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति।

सतीश सक्सेना said...

आज से आपके ब्लाग पर अपना नाम भी लिख दिया है, भविष्य में पढने की सुविधा रहेगी ! शुभकामनायें !